प्रदेश सरकार को बताया आरक्षण विरोधी
पौड़ी, पदोन्नति में लगी रोक हटाने पर उत्तराखंड एससी-एसटी इम्प्लाइज फैडरेशन ने नाराजगी जताई है। फैडरेशन ने प्रदेश सरकार को आरक्षण विरोधी सरकार बताया है।

फैडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार ने जनरल ओबीसी कर्मचारियों के दबाव में यह निर्णय लिया है। फैडरेशन के जिलाध्यक्ष जीएस कौंडल ने कहा है कि सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को बंद करने का तुगलकी फरमान जारी किया है। बताया कि इस निर्णय से एससी-एसटी कर्मचारियों के साथ ही नवयुवक वाल्मीकि संघ में भी नाराजगी बनी हुई है। उन्होंने सरकार से जल्द ही राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण इंदु कुमार पांडे समिति की रिपोर्ट व इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से पुराना रोस्टर यथावत रखने, एसटी का रोस्टर राज्य गठन से शून्य से प्रारंभ करने, आउटसोर्स व उपनल भर्ती में आरक्षण देने, बैकलाग के पदों को जल्द भरने, सफाई कर्मचारियों को संविदा से नियमित करने की मांग की है।